आला हज़रत और रद्दे बिद्आत

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*🥀 आला हज़रत और रद्दे बिद्आत 🥀*



*♥️ पार्ट-07?↲*
 
*बारगाहे रिसालत ﷺ मे हाज़री के आदाब,*
 
💫इमामे अहले सुन्नत इमाम अहमद रज़ा ख़ान फ़ाज़िले बरेलवी अलैहिर्रहमा बारगाहे रिसालत हुज़ूरﷺ में हाज़री के आदाब बयान करते हुए इरशाद फ़रमाते हैं: “ख़बरदार रौज़ा ए रसूलﷺ की जाली शरीफ़ को बोसा देने या हाथ लगाने से बचो बल्कि जाली शरीफ़ से चार हाथ फ़ासले से ज़्यादा क़रीब न जाओ। यह उनकी रहमत क्या कम है के तुम को अपने हुज़ूर बुलाया, अपने मवाजहे अक़्दस में जगह बख़्शी"।

⚡️एक और मक़ाम पर मज़ीद इरशाद फ़रमाया: “रौज़ा ए अनवरﷺ का तवाफ़ न करो न सजदा न इतना झुकना के रुकू के बराबर हो, रसूलअल्लाहﷺ की ताज़ीम उनकी इताअत में है”।

*📚 अफ़कार तीसरा हिस्सा सफ़हा 39*



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