आला हज़रत और रद्दे बिद्आत

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*🥀 आला हज़रत और रद्दे बिद्आत 🥀*



*♥️ पार्ट-01?↲*
 
💫सय्यदी आला हज़रत अज़ीमुल बरकत इमाम अहले सुन्नत इमाम अहमद रज़ा ख़ान फ़ाज़िले बरेलवी अलैहिर्रहमा की ज़ात मोहताज ए तआरुफ़ नहीं आपकी शख़्सियत से कौन वाकिफ़ नहीं? आप की ख़िदमात से अरब व अजम अच्छी तरह आगाह व मुअतरिफ़ हैं आप फ़क़ीदुल मिसाल शख़्सियत हैं हर ज़ाविए से बेनज़ीर व बेमिसाल हैं पिछली चार सदियों से अब तक ज़माने ने आपकी तरह न देखा आपने जिस मैदान में भी क़दम रखा उसे अपनी इन्तिहा तक पहुंचाने की कोशिश की जिस इल्म की जानिब तवज्जो की उसे तक़वियत हासिल हो गई उलूम व फुनून में गहराई और गीराई का आलम यह था कि हर इल्म का माहिर आपकी जानिब ज़रूर रजू करता उनकी अहमियत व इफ़ादियत का अंदाज़ा इस बात से बखूबी लगाया जा सकता है कि सय्यदी आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा ख़ान फ़ाज़िले बरेलवी अलैहिर्रहमा की वफ़ात को सौ साल का एक तवील अरसा गुज़र जाने के बाद आज भी उम्मते मुस्लिमा उनके फ़ैज़ से मुस्तफ़ीद हो रही है आपकी तसानीफ़ से दुनिया आज भी इस्तिफ़ादा फ़रमा रही है। आपकी तसानीफ़ से आज भी फ़िरक़ा ए बातिला का सद्दे बाब किया जाता है।

♾️इमाम अहमद रज़ा ख़ान फ़ाज़िले बरेलवी अलैहिर्रहमा ने जिस भी फ़िरके की तरदीद का इरादा किया उसे बखूबी निभाया और उसे उसके अन्जाम तक पहुंचाया आपने पूरी ज़िन्दगी शरियते मुहम्मदिया हुज़ूरﷺ की पैरवी और सुन्नते नबवीﷺ की तरवीज व इशाअत में बसर की यही वजह है दुनिया में हर जानिब आज भी आपकी ख़िदमात का चर्चा हो रहा है। इस वजह से मुबल्लिगे इस्लाम अल्लामा अब्दुल अलीम मेरठी अलैहिर्रहमा ने फ़रमाया था।

*तुम्हारी शान में जो कुछ कहुं उससे सिवा तुम हो!*

*क़सीमे जाने इरफ़ां ऐ शहे अहमद रज़ा तुम हो।*

⚡️कारेईने इकराम! इमाम अहमद रज़ा ख़ान फ़ाज़िले बरेलवी अलैहिर्रहमा ने उलूमे दीनिया की तरवीजो इशाअत के साथ साथ अपने ज़माने में मुरव्वजा उमूर व बिदआत और खुराफ़ात का भी भरपूर रद्द किया और मुसलमानों को उनसे बचने का हुक्म भी दिया इस सिलसिले में आपने बहुत सारी किताबें भी तसनीफ़ फ़रमाई और फ़तावा भी तहरीर फ़रमाए। इमाम अहमद रज़ा ख़ान फ़ाज़िले बरेलवी अलैहिर्रहमा ने दीन के शोअबों में मुख़्तलिफ़ जिहात पर काम किया उन्हीं में से एक रद्दे बिदआत व मुनकिरात है।

*📚 अफ़कार तीसरा हिस्सा सफ़हा 36,37*



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